लखनऊ–12 जनवरी
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पूरे प्रदेश में विजिलेंस एवं विभागीय जांच दलों को बॉडी वॉर्न कैमरा व जीपीआरएस प्रणाली से लैस किए जाने का स्वागत किया है। परिषद ने कहा कि दो वर्ष पूर्व की गई मांग और लंबे इंतजार के बाद अब यह व्यवस्था फील्ड में लागू हो गई है जो पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है|
परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बॉडी वॉर्न कैमरा व्यवस्था लागू होने से विजिलेंस टीमों की कार्यप्रणाली पर निगरानी सुनिश्चित होगी और
उपभोक्ताओं के उत्पीड़न व कथित भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगेगी|
इससे ईमानदार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बिजली चोरी के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई संभव हो सकेगी|
गौरतलब है लम्बे समय से यह शिकायते होती रहती थी पूरे प्रदेश से विजिलेंस टीमों और विभागीय रेड दल गरीब और असहाय उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे मामलों में प्रताड़ित किया जाता है जबकि बड़े मामलों में साठ-गांठ कर कार्रवाई से बचा लिया जाता है|
इससे न केवल उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है बल्कि सरकार और विद्युत विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही है|
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की बिजली चोरी होती है|
इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पारदर्शी और तकनीक आधारित कार्रवाई आवश्यक थी जो अब बॉडी वॉर्न कैमरा व जीपीआरएस व्यवस्था से संभव हो पाएगी|
उपभोक्ता परिषद ने उम्मीद जताई है कि इसका सही और ईमानदारी से क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में सुनिश्चित किया जाएगा|
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़
राजीव श्रीवास्तव








