*अपर पुलिस अधीक्षक, कोतवाली अनिल पांडेय व क्षेत्राधिकारी समीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया*
हैदरगढ़/बाराबंकी–27 जुलाई
हैदरगढ कोतवाली क्षेत्र के बेहटा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक वृद्ध की खून से लथपथ लाश ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित जंगलों में देखी, कुछ ही देर में सूचना पूरे गांव में फ़ैल गई जिसके बाद लोग सन्न नजर आये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बेहटा ग्राम पंचायत का है , बेहटा गांव निवासी नरायन दुबे उम्र लगभग 70 वर्ष की उस समय धारदार हथियार से काटकर नृशंश हत्या कर दी गयी जब वह मवेशियों को चराने के लिये दुर्गा के पुरवा के जंगल गये हुये अपने पोते को खाना देने गये थे। घर से दो किलोमीटर दूर दुर्गा का पुरवा के जंगलों से उनकी लाश बरामद हुई। वहीं ग्रामीणों की बात मानें तो सुबह आपस मे पारिवारिक कलह हुई थी। मृतक की बहू नीलू ने बताया रविवार की दोपहर ससुर जी लगभग एक बजे घर से जंगल के लिये निकले थे। घटना की सूचना मिलने पर हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पीएम के लिये भेज दिया है।
मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मौक पर पुलिस क्षेत्राधिकारी समीर कुमार सिंह भी मौजूद रहे, कोतवाल अनिल कुमार पान्डेय सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
सी ओ समीर कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के सिर पर गहरे घाव के निशान मौजूद हैं! मृतक के एक पुत्र व चार पुत्रियां थी, पुत्र व एक पुत्री की मौत पहले ही हो चुकी है, जबकि तीन पुत्रियां शादी शुदा हैं। घर में नारायण दुबे के अलावा बहू व एक पोता गगन दुबे 14 वर्ष साथ में ही रहता है।
वहीं ग्रामीण की मानें तो नरायन दुबे तीन भाई हैं।एक भाई राजन दुबे के परिवार में कोई नहीं है।राजन दुबे ने कुछ दिन पहले अपनी भूमि की वसीयत मृतक के भतीजे पारस व अमन पुत्र गण हनुमंत के नाम कर दी थी।मृतक को वसीयत की जानकारी हुई तो भाई राजन व भतीजों से विवाद शुरू हो गया।
गांव में चर्चा है कि सुबह इसी वसीयत को लेकर मृतक का उसके भतीजों अमन व पारसनाथ से काफी विवाद हुआ। उसके बाद शाम को वृद्ध का शव मिला जिसके बाद इलाके में सनसनी मच गई।
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी







