लखनऊ–10 जुलाई
विश्वविद्यालय में पिछले 37 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रों के आंदोलन को अब बड़ा समर्थन मिला है। आज राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रेहान अहमद ने अपने संगठन के वरिष्ठ साथियों के साथ अनशन स्थल का दौरा किया। पदाधिकारियों ने अनशनकारी छात्रों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और उनकी मांगों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की।
विगत 37 दिनों से जारी इस कड़े अनशन के कारण छात्रों की गिरती सेहत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और महासचिव डॉ. रेहान अहमद ने छात्रों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि इस गंभीर विषय पर संगठन बेहद संवेदनशील है और वे जल्द ही सक्षम एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखेंगे। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर छात्रों की जायज मांगों को सुनना चाहिए और मामले का न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए।
इतने लंबे समय से देश के भविष्य (छात्र) अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान न देना बेहद चिंताजनक है। राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद हर मोड़ पर छात्रों के साथ खड़ी है। हम इस विषय को संबंधित अधिकारियों के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएंगे और न्याय की मांग करेंगे।
— सुबोध श्रीवास्तव व डॉ. रेहान अहमद (राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद)
इस मुलाकात के दौरान परिषद के कई अन्य प्रमुख साथी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मानवाधिकार संगठन के इस बड़े समर्थन के बाद अनशनकारी छात्रों में न्याय की उम्मीद और मजबूत हुई है। अब देखना यह होगा कि संगठन के इस हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग क्या रुख अपनाते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








