हैदरगढ़/बाराबंकी–14 अप्रैल
मामला हैदरगढ़ तहसील के विकास खंड त्रिवेदीगंज की ग्राम पंचायत बबुआपुर के राजस्व ग्राम गणेशपुर में सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर है, जानकारों की मानें तो मामला गरम बताया जा रहा है। आपको बता दें कि पूर्व में ग्राम प्रधान बबुआपुर रश्मि सिंह द्वारा उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ व मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गयी थी जिसमें आरोप के मुताबिक ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि गाटा संख्या 120 मि रक्बा 0.200 हे. पर ग्राम के दबंगों राम उपेंद्र सिंह पुत्र रंजीत सिंह, नितिन सिंह पुत्र राज बक्श सिंह का कब्जा बताया गया है जबकि उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि तालाब दर्ज है जिस पर हल्का लेखपाल द्वारा कार्यवाही की गयी, कुर्क फसल गेहूं की बोई गयी थी,जिसको कुर्क किया गया व कृषि विज्ञान केन्द्र हैदरगढ़ द्वारा मूल्यांकन भी किया गया, उसके बाद भी विपक्षी ने जबरन गेहूं की फसल काट ली, उसके बाद हल्का लेखपाल द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के संबंध में तहसीलदार को अपनी रिपोर्ट प्रेषित की गयी,तहसीलदार ने उपजिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी जिसके बाद उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा द्वारा संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया गया लेकिन प्रभारी निरीक्षक द्वारा अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गयी है। आपको ये भी बता दें कि ग्राम प्रधान रश्मि सिंह द्वारा उक्त मामले को लेकर उपजिलाधिकारी के समक्ष शिकायत की गयी थी जिसके बाद कोर्ट द्वारा धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश भी पारित हो गया था और कब्जेदारों पर न्यायालय द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था लेकिन अभी तक राजस्व टीम द्वारा सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं शिकायत के मुताबिक गाटा संख्या 133 घूर गड्ढा, 134 खलिहान, व 135 नवीन पर्ती पर शिवदेवी पत्नी स्व. भारत सिंह द्वारा गेहूं की फसल बोई गयी थी जिसकी शिकायत उक्त गांव के निवासी समरजीत सिंह पुत्र रामशंकर सिंह द्वारा जिलाधिकारी से भी शिकायत की गयी लेकिन उस मामले में भी प्रशासन द्वारा कोई जरूरी कार्यवाही नहीं हुई वहीं निर्माण कार्य भी कुछ अंश पर है व मड़ाई का सामान भी रखा गया है, जिसकी शिकायत उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ से तीन बार की गयी लेकिन अभी तक कोई खास कार्यवाही नहीं हुई या यूं कहें कि प्रशासन की भी मिलीभगत शामिल है।
आपको बता दें कि उक्त ग्राम पंचायत की गाटा संख्या 156 तालाब और 148 शमशान की भूमि है वहीं 150 तालाब एवं 151 बंजारा है जो कि खेल मैदान प्रस्तावित है
गाटा संख्या 145 जो कि बंजर भूमि है, इन सभी सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप है।
अब ये देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागेगा या नहीं ये दिलचस्प होगा।
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी









1 thought on “सरकारी जमीन से कोर्ट के आदेश के बावजूद भी नहीं हट रहा कब्जा, कोर्ट के आदेश की हो रही अवहेलना”
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