हैदरगढ़/ बाराबंकी–04 अप्रैल
50 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप
शनिवार को विद्युत वितरण उपकेंद्र हैदरगढ़ के संविदाकर्मियों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया उसके बाद अधीक्षण अभियंता को संबोधित ज्ञापन अधिशाषी अभियंता हैदरगढ़ को सौंपा। संविदाकर्मियों ने रखरखाव और मेंटीनेंस की देखरेख करने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि संविदाकर्मियों का लगातार शोषण व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है इसलिए संविदाकर्मियों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया। संविदाकर्मियों ने कंपनी पर फील्ड पर कार्य करने के लिये उपकरण व सेफ्टी किट मुहैय्या न कराने के भी आरोप लगाये हैं। साथ ही कर्मचारियों के लिये कार्य हेतु जाने के लिये सिर्फ एक गाड़ी मुहैय्या कराई गयी है जो कि ठीक नहीं है। कंपनी पर कर्मचारियों को आराम न करने देने, पेयजल की व्यवस्था न कराने के भी गंभीर आरोप लगे हैं। साथ ही कहा गया कि यदि कोई कर्मचारी पीने का पानी लेने जाता है तो उसको अब्सेंट कर दिया जाता है। संविदाकर्मियों का कहना है कि उनको फील्ड पर कार्य हेतु जाने के लिये अपने निजी वाहनों से जाना पड़ता है वहीं इस स्थिति में कंपनी द्वारा उन्हें ईंधन का खर्च भी नहीं दिया जाता। विरोध करने पर कंपनी सुपरवाइजर द्वारा संविदाकर्मियों का वेतन काटने, ट्रांसफर करने व कंपनी से हटाने की धमकीं दी जाती है। कर्मचारियों ने बताया कि सेफ्टी उपकरणों के अभाव में पूर्व मे संविदाकर्मी चंद्रभान सिंह की दुर्घटना हो गई थी जिनका अभी भी मेडिकल कालेज लखनऊ में इलाज चल रहा है उनके इलाज हेतु जब कंपनी के कंपनी से कहा गया तो कंपनी द्वारा 50 हजार का सुविधा शुल्क मांगा गया जिस कारण वर्तमान में संविदा कर्मचारियों में भय का माहौल है। कर्मचारियों से 8 घंटे काम लिया जाना चाहिए लेकिन उनसे 12 से अधिक घंटे तक कार्य कराने का भी आरोप है। कर्मचारियों का ये भी कहना है कि यदि कोई शोषण का विरोध करने पर उतरता है तो कंपनी के कर्मचारियों द्वारा उन्हें डरा धमका कर कंपनी को शासन के प्रभाव वाला नेता या उद्योगपति की कंपनी बताकर बाहर करने की धमकी दी जाती है और बाहर भी कर दिया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि उक्त शोषण से आहत होकर समस्त संविदाकर्मियों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार पर मजबूर हैं व यदि कोई भी औद्योगिक अशांति या घटना घटित होती है तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी व कंपनी के सुपरवाइजर महेंद्र मिश्रा की होगी|
विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रेम कुमार, राहुल यादव, दीपक सिंह, अजमत अली, राज कुमार, हासिम, शुशील, कृष्ण कुमार, चंदन, राम औतार, राम करन, मनोज कुमार, मोहम्मद साबिर समेत अन्य संविदाकर्मी भी मौजूद रहे और कंपनी व सुपरवाइजर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








