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मौत का नया लैंडमार्क क्या अधिकारियों के एसी कमरे तक नहीं पहुँचती खतरे की गूँज

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लखनऊ–01 अप्रैल 

अगर आप गोमती नगर के विराज खंड पावर हाउस क्षेत्र से गुजर रहे हैं और आपकी नजर सूर्या लेक व्यू एन्क्लेव अपार्टमेंट के कोने पर पड़े तो अपनी चाल जरा तेज कर लीजिएगा वहां बिजली विभाग ने जनता के लिए ‘रोमांच’ का एक नया इंतजाम किया है

एक ऐसा हाई टेंशन लाइन का खंभा जो नीचे से पूरी तरह गल चुका है और अब बस इस इंतजार में खड़ा है कि कब उसे जमीन नसीब हो।

एसी की ठंडी हवा और ‘हॉट’ टेंशन का खेल

विराज खंड के जिम्मेदार अधिकारी शायद इन दिनों इंजीनियरिंग के नए सिद्धांतों पर शोध कर रहे हैं।

शायद उन्हें लगता है कि हाई टेंशन का यह भारी-भरकम खंभा लोहे के दम पर नहीं, बल्कि लखनऊ की जनता की ‘दुआओं’ के सहारे टिका रहेगा।

बिजली विभाग के साहबान अपने आलीशान एसी कमरों में बैठकर शायद यह गणना कर रहे हैं कि खंभा गिरने पर ‘हादसा’ कितना भव्य होगा। आखिर बाहर की चिलचिलाती धूप में जाकर गले हुए लोहे का मुआयना करने से तो बेहतर है कि फाइल पर “सब ठीक है” की मुहर लगा दी जाए।

खतरे में जान पर कुर्सी है महान!

यह खंभा किसी भी वक्त गिर सकता है

अगर खुदा-न-खास्ता यह गिरा तो यह सिर्फ बिजली गुल नहीं करेगा बल्कि कई जिंदगियों का चिराग भी गुल कर सकता है। लेकिन विभागीय कुंभकर्णों की नींद तब तक नहीं खुलती, जब तक कि कोई बड़ी अनहोनी अखबार की सुर्खियां न बन जाए।

क्षेत्र की जनता का सवाल:– क्या प्रशासन किसी लाश के गिरने का इंतजार कर रहा है?

क्या विराज खंड पावर हाउस के जिम्मेदारों को गल चुका लोहा दिखाई नहीं देता या उन्होंने आंखों पर ‘लापरवाही का चश्मा’ चढ़ा रखा है?

सावधान! मौत यहाँ खड़ी है

सूर्या लेक व्यू एन्क्लेव के पास का यह कोना अब किसी सेल्फी पॉइंट से कम नहीं है फर्क बस इतना है कि यहाँ की गई एक गलती आपकी आखिरी तस्वीर साबित हो सकती है।

हमारी अपील–इससे पहले कि यह खंभा किसी राहगीर के लिए कफन बन जाए जिम्मेदार अधिकारी अपनी शाही सुस्ती त्यागें और इस मौत के खंभे को बदलने की जहमत उठाएं वरना इतिहास गवाह है कि हादसे के बाद मुआवजे का मरहम लगाने तो सब आते हैं लेकिन समय रहते खंभा बदलने कोई नहीं आता।

                                              ब्यूरो रिपोर्ट 

                                        दैनिक सुदर्शन प्रवाह 

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