लखनऊ–30 मार्च
राजस्व को चपत लगाकर भ्रष्टाचार का खेल: बिना प्राक्कलन जमा किए तृप्ति होम्स में हटाई गई एलटी लाइन
लखनऊ। राजधानी के पॉवर कॉरपोरेशन में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा नमूना गोमतीनगर ज़ोन के शिवपुरी पॉवर हाउस क्षेत्र में देखने को मिला है। यहाँ तैनात अवर अभियंता (JE) और उपखंड अधिकारी (SDO) पर नियमों को ताक पर रखकर, बिना किसी सरकारी प्रक्रिया के एलटी लाइन (LT Line) का खंभा शिफ्ट करने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला शिवपुरी पॉवर हाउस के अंतर्गत आने वाले तृप्ति होम्स का है। सूत्रों के मुताबिक, एक मकान के बीचोबीच लगे एलटी लाइन के खंभे को हटाने के लिए विभाग के तय नियमों और प्राक्कलन (Estimate) जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। विभागीय जानकारों का कहना है कि इस शिफ्टिंग के लिए न तो कोई सरकारी रसीद काटी गई और न ही राजस्व जमा किया गया।
भ्रष्टाचार की गवाही दे रहा ‘खुदा हुआ गड्ढा’
मौके पर जहाँ पहले खंभा लगा था, वहाँ आज भी खुदा हुआ गड्ढा मौजूद है। यह गड्ढा चिल्ला-चिल्लाकर भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। आरोप है कि अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी (HT/LT) ने अपने निजी हितों को साधने के लिए सरकारी संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग किया।
बड़े अधिकारियों का संरक्षण?
सूत्रों का दावा है कि यह अवैध उगाही का धंधा अधिशासी अभियंता (HT/LT) के संरक्षण में फल-फूल रहा है। सरकारी खजाने को चूना लगाकर अधिकारियों की जेबें गरम की जा रही हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि जहाँ आम जनता को एक छोटा सा काम कराने के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते हैं, वहीं रसूखदारों के लिए रातों-रात नियम बदल दिए जाते हैं।
“बिना एस्टीमेट जमा किए खंभा शिफ्ट करना सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को संज्ञान लेकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।” — विभागीय सूत्र
मुख्य बिंदु:
क्षेत्र: तृप्ति होम्स, शिवपुरी पॉवर हाउस, गोमतीनगर ज़ोन।
आरोप: बिना प्राक्कलन (Estimate) खंभा शिफ्टिंग और अवैध उगाही|
दोषी: अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी और कथित तौर पर उच्चाधिकारियों का मौन समर्थन।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








