लखनऊ–23 मार्च
दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं ने एकत्रित की सभी की समस्याएं बड़े पैमाने पर बिजली कंपनियों में दलित व पिछड़े वर्ग की समस्याओं का अंबार जिसका समाधान जरूरी सबसे ज्यादा दलित वर्ग के अभियंताओं की तैनाती पूर्वांचल में क्यों सरकार करें विचार।
उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन की तरफ से पूरे उत्तर प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों में दलित व पिछला वर्ग की अभियंताओं की समस्याओं को समझने और उसे एकत्रित करके प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित करने के उद्देश्य आज पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बनारस में माननीय प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पावर ऑफिसर एसोसिएशन की एक मीटिंग बिजली गेस्ट हाउस भिखारीपुर में संपन्न हुई जिसमें लखनऊ से उत्तर प्रदेश पावर ऑफिसर एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में पांच सदस्य पदाधिकारी का एक प्रतिनिधिमंडल समस्याओं को समझना सुबह ही पहुंच गया।
पावर ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपीकेन उपाध्यक्ष पीएम प्रभाकर अतिरिक्त महासचिव सहित अन्य पदाधिकारी ने सभी संगठन के सदस्यों से अलग-अलग उनकी समस्याओं से संबंधित जानकारी एकत्रित की पूरे पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में सबसे ज्यादा दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओं को तैनात किया गया है जो अपने आप में बहुत ही गंभीर मुद्दा है सभी बिजली कंपनियों से एकत्रित करके पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में ही सबसे ज्यादा दलित अभियंताओं को तैनात किया जाना समझ से परे है।
सभी पदाधिकारी व सदस्यों ने एक मत होकर एक बार फिर निजीकरण के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ते हुए कहा किसी भी हालत में किसी भी बिजली कंपनी का निजीकरण नहीं होना चाहिए इसमें सबसे ज्यादा नुकसान बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था आरक्षण समाप्त होने के रूप में होता है इसलिए किसी भी सूरत में निजीकरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में बड़ी संख्या में सदस्यों ने कहा कि उनके खिलाफ अनुशासात्मक कार्यवाही पावर कॉरपोरेशन वी मुख्यालय बनारस में भी लंबित है जिसका समय समाधान कराया जाना जरूरी है अन्यथा की स्थिति में वह पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे|
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








