लखनऊ–17 फ़रवरी
सुशासन और सफाई के दावों की पोल खोलता नगर निगम ज़ोन 04 इन दिनों सुर्खियों में है वार्ड नंबर 12 के निवासियों के लिए ‘अच्छे दिन’ का वादा एक डरावना सपना बन चुका है सड़कों के नाम पर यहाँ सिर्फ गहरे गड्ढे बचे हैं और गलियां कूड़े के पहाड़ों में तब्दील हो गई हैं।
भ्रष्टाचार में ‘गले तक’ डूबे जिम्मेदार?
स्थानीय नागरिकों का आक्रोश अब चरम पर है। आरोप है कि ज़ोन 04 के अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में इस कदर डूबे हैं कि जनता की शिकायतों को कूड़ेदान में डाल दिया जाता है। कागजों पर सफाई और सड़क मरम्मत के लिए आने वाला बजट आखिर जा कहाँ रहा है? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
पहली बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं गहरे गड्ढों के कारण आए दिन बुजुर्ग और बच्चे चोटिल हो रहे हैं|
कूड़े के ढेर से उठती सड़ांध ने इलाके में सांस लेना दुश्वार कर दिया है संक्रामक रोगों का खतरा मंडरा रहा है|
सफाई कर्मचारी और संबंधित अधिकारी फील्ड से पूरी तरह गायब हैं, लेकिन मानदेय का खेल बदस्तूर जारी है|
हम टैक्स इसलिए भरते हैं ताकि हमें नरक जैसी स्थिति में न रहना पड़े?
ज़ोन 04 के अधिकारियों को कई बार शिकायती प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया लेकिन उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंगी|
साफ है कि ऊपरी कमाई के चक्कर में जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है|
सवाल यह कि–
क्या नगर निगम के आला अधिकारी वार्ड नंबर 12 की इस दुर्दशा का संज्ञान लेंगे?
या फिर ज़ोन 04 के ‘भ्रष्ट तंत्र’ को इसी तरह जनता के हक पर डाका डालने की छूट मिलती रहेगी?
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








