बाराबंकी–10 फरवरी
मामला बाराबंकी के प्रताप गंज गांव का है जहां ग्राम पंचायत सचिव की भ्रष्ट कार्यशैली के चलते दिन–वदिन विवाद गहराता जा रहा है पीड़ित ने मुख्य विकास अधिकारी बाराबंकी को भेजे गए पत्र में ग्राम सचिव सहित प्रधान द्वारा गांव में कराए जा रहे विकास कार्य और लोगों द्वारा रास्ते में किए गए अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है|
बताते चलें कि मसौली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम प्रतापगंज गांव निवासी पीताम्बर लाल मौर्य ने मुख्य विकास अधिकारी सहित कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है कि उनके घर के सामने वर्षों पुराना खड़ंजा मार्ग मौजूद है जो कि शिवचन्द्र गुप्ता के घर से लेकर अंजनी पंडित के मकान तक उत्तर-दक्षिण दिशा में जुड़ा है और आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है पीताम्बर लाल मौर्य के दोनों मकान रास्ते के बीच होने के कारण पानी निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है जिसे नाली बनाकर हल किया जा सकता है परन्तु कुछ स्थानीय लोगों द्वारा रास्ते पर अवरोध खड़ा कर नाली निर्माण नहीं होने दिया जा रहा है जिससे रास्ते में जल भराव रहता है और राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है पीड़ित का कहना है कि इस संबंध में पहले भी थाना सफदरगंज,उपजिलाधिकारी, विकास खण्ड कार्यालय मसौली और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी|
फरवरी 2024 में पुलिस की मौजूदगी में समझौता भी हुआ जबकि दिसंबर 2025 में फिर से सहमति पत्र तैयार कराया गया जिसमें अतिक्रमण हटाकर नाली बनाने की बात तय हुई थी|
परन्तु बजट स्वीकृत होने के बाद भी तय सहमति के अनुसार कार्य न कराकर प्रधान पक्ष द्वारा दूसरे स्थान से इंटरलॉकिंग का कार्य शुरू करा दिया गया|
ग्राम सचिव को सूचना देने के बावजूद भी मौके का निरीक्षण नहीं किया गया|
पीताम्बर लाल मौर्य के अनुसार कहना रास्ते की चौड़ाई कम करने और निर्माण कार्य के दौरान उनके मकान की दीवार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा गई साथ ही विवाद बढ़ने और किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई है|
खबर लिखे जाने तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मामले का संज्ञान नहीं लिया था देखना होगा कि बाराबंकी प्रशासन मामले में कोई ठोस कार्यवाही करेगा या फिर मामले को दबा दिया जाएगा|
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी








