हैदरगढ़/बाराबंकी–10 फरवरी
हैदरगढ़ से सटे पेचरुआ धाम में भक्ति की ऐसी वर्षा हुई कि भक्त भगवान की भक्ति में लीन नजर आये! रविवार को 69 वां विराट वार्षिकोत्सव दिव्य श्री रामचरित मानस सम्मेलन में संतो व मानस प्रवक्ताओं ने अपने प्रवचनों से भक्ति की ऐसी रसधारा बहाई की सभी श्रोता भगवान श्री राम की भक्ति में लीन हो गये।
मानस सम्मेलन का कुशल मंच संचालन डा. रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ने किया मानस सम्मेलन में अयोध्या धाम से पधारे क्रांतिकारी कथा व्यास स्वामी श्री बाल भरत जी महाराज ने गुरु की महिमा का बखान किया। उन्होंने कहा कि तुलसी बाबा ने मानस के प्रारंभ में गुरु की चरणों की रज का माहत्म बताया है। गुरु के पद नख के प्रकाश की महिमा का भी चौपाइयों में उल्लेख किया है। तुलसीदास की चौपाइयों का मर्म है की साधक आदि सुंदर अंजन लगाकर इस पृथ्वी की वस्तुएं को देखते है। उसी प्रकार मैं गुरु की पद की रज को अंजन की भांति लगाकर विवेक रूपी नेत्रों को स्वच्छ करके श्री रामचरित का वर्णन करता हूं। उन्होंने कहा कि तुलसी बाबा कहते हैं कि मैं गुरु महाराज के चरण कमलों की रज की वंदना करता हूं, जो सुंदर स्वाद, सुगंध तथा अनुराग रूपी रस से पूर्ण है। वह अमर मूल यानी संजीवनी बूटी का सुंदर चूर्ण है, जो सम्पूर्ण भव रोगों यानी बार-बार जन्म मरण एवं काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मान, ममता, ईर्ष्या, दंभ, कपट, तृष्णा, राग, द्वेष आदि के बंधन से मुक्त करने वाला होता है। रामचरितमानस के माध्यम से देश और समाज की सारी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है या मनुष्य के कल्याण का सर्वोत्तम ग्रंथ है। श्री श्री 1008 महंत लालता दास जी महाराज बाबा प्रेमदास कुटी हैदरगढ़ ने कहा कि विश्वास से भी महत्वपूर्ण है धैर्य विश्वास गुरु वचनों पर हो। विश्वास से भक्ति दृढ़ होती है लेकिन धैर्य से पुष्प होती है। धैर्य के बिना भक्ति टिकेगी ही नहीं। भक्ति का स्वरूप है सेवा और सेवा का धर्म कठोर होता है। सुतीक्ष्ण जी को विश्वास था की राम जी मिलेंगे लेकिन नहीं मिले जबकि शबरी ने धैर्यपूर्वक इंतजार किया और एक दिन स्वयं राम चलकर उसके यहां पहुंचे। इसी तरह मानस सम्मेलन में डॉ कृष्ण कुमार मिश्र मानस मनीषी, जितेंद्र नाथ पांडेय प्रोफ़ेसर लखनऊ विश्वविद्यालय, रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी प्रलंयकार, रामकिंकर मिश्र मानस मर्मज्ञ, हरि नारायण तिवारी अवधी सम्राट मानस प्रवक्ता, अजय शास्त्री मानस प्रवक्ता बहुता धाम, अजय शास्त्री बिन्दु मानस प्रवक्ता बहुता धाम, महंत बाबा श्री सुकृपा दास मानस प्रवक्ता कौशल्या घाट अयोध्या धाम, यदुनाथ त्रिवेदी मानस प्रवक्ता, दीन बंधु दास रामायणी बड़ी छावनी श्री अयोध्या धाम, प्रेम नारायण बाजपेयी भागवताचार्य श्री राधाकृष्ण हनुमान मन्दिर फैजाबाद, आचार्य अखिलेश्वर अवस्थी अमेठी, राम केवल मिश्रा कमल मानस प्रवक्ता खरसतिया, यदुनाथ त्रिवेणी मानस प्रवक्ता राष्ट्र प्रेमी बबुरिहा, अवधेश कुमार शुक्ला तरंग गुरु आश्रम नैमिस तीर्थ, शांतिदूत पंडित कमलेश कुमार द्विवेदी भागवताचार्य श्री धाम वृंदावन मथुरा, राम अनुज मिश्रा भगवाताचार्य हैदरगढ़, उदय मिश्रा प्रेमी भगवताचार्य, अंजनी कुमार पांडेय रामायणी राघवपुर सहित मानस व मनीषी ने अपनी-अपनी प्रवचनों व रचानाओं से सभी को भक्ति की रसधारा में मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राम भीख त्रिवेदी, चेयरमैन प्रतिनिधि आदर्श तिवारी दीपू, सभासद सूरज दीक्षित, अखिलेश प्रताप सिंह, कृष्ण कुमार द्विवेदी “राजू भैय्या”, व्यापार मंडल अध्यक्ष राज कुमार सोनी रानू, उमाकांत मिश्रा, बृजेश मिश्रा, माता प्रसाद अवस्थी मौजूद रहे!
इस मौके पर मानस सम्मेलन के संयोजक पंडित सीताकांत अवस्थी, गौरीश, सुधाकर अवस्थी, सुधीर अवस्थी, रमाकांत अवस्थी, लक्ष्मीकांत अवस्थी , बृजेश,राकेश ,आशुतोष, विनीत ,अश्विनी , दीपक ,आशीष, सह संयोजक अनुराग अवस्थी “सोनू भैया” आदि ने सम्मेलन को भव्य बनाने में अपनी माहिती भूमिका निभाई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रोतागण मौजूद रहे।
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी








