हैदरगढ़ बाराबंकी–01 फरवरी
हैदरगढ़ क्षेत्र में बाबा गोसाई दास जी के पवित्र स्थान पर लगने वाला मेला भारतीय संस्कृति का पर्याय है। मेले दिलों को मिलाने का काम करते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक मेलों का आयोजन आज भी प्रासंगिक है। उक्त बात सामाजिक कार्यकर्ता कृष्ण कुमार द्विवेदी (राजू भैया) ने ग्राम बबुरिहा का पुरवा मजरे गोतौना गांव में आयोजित मेले में मुख्य अतिथि के रूप में कही ।इस दौरान श्री भैया का मेला कमेटी के द्वारा भव्य स्वागत किया गया।
राजू भैया ने कहा कि बाबा गोसाई दास जी के पवित्र स्थान पर प्रतिवर्ष लगने वाले इस मेले में सैकड़ो लोग भाग लेते हैं। मेलें हमारी भारतीय संस्कृति की वह थाती है जिसे हमारी संस्कृति से कभी अलग नहीं किया जा सकता ।उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में छोटे से लेकर बड़े-बड़े मेले आयोजित किए जाते हैं ।जिसमें तमाम लोगों की मुलाकाते होती हैं। जबकि मेलों से व्यवसाय भी आगे बढ़ता है ।कृष्ण कुमार द्विवेदी राजू भैया ने मेला कमेटी का धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल में आयोजित यह मेला आज अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां पर होने वाला धार्मिक नाटक मंचन भी अवध की संस्कृति का प्रतीक है। श्री भैया ने मेला कमेटी सहित आए हुए सभी मेलार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर मेला कमेटी ने मुख्य अतिथि राजू भैया का मल्यापर्ण कर भव्य स्वागत किया। मुख्य अतिथि श्री भैया ने भगवान श्री राम एवं लक्ष्मण जी का पूजन अर्चन करते हुए बाबा गोसाई दास जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में प्रमुख रूप से दुख हरण सिंह, पवन कुमार सिंह, हरि बहादुर सिंह बब्बू, हैदरगढ़ व्यापार मंडल अध्यक्ष राजकुमार सोनी रानू, रोहित सिंह ,आदित्य योगी, महेंद्र सिंह , पुतान भाई,जयशंकर प्रसाद ,घिसियावन ,सुशील कुमार, शिव कुमार, कुंवारें, राजदेव, हंसराज ,जितेंद्र कुमार सिंह, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे। इस दौरान ग्राम प्रधान नीलेश कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। मेले में प्रधान मौजी राम यादव जी के निर्देशन में श्री बाबा अनुराग दास रामलीला नाटक मंच करौंधिया नैपुरा के द्वारा आकर्षक रामलीला नाटक का मंचन किया गया। जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी








