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श्रीराम ऋषि, मुनियों व साधकों की साधना के केंद्र हैं – मानस मनीषी प्रहलाद मिश्रा

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हैदरगढ़/बाराबंकी–23 अप्रैल 

विकास खंड हैदरगढ़ के अंतर्गत आने वाले रौली में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा है जिसमें बताया गया कि राष्ट्रीय चेतना के आदर्श पुरुषोत्तम राम है।श्री राम एक ओर जहां ब्रह्म के रूप में ऋषियों मुनियों तथा साधकों की साधना के केंद्र हैं वहीं मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में मनुष्य मात्र की जीवन शैली के पथ प्रदर्शक भी हैं।

यह विचार गोंडा से पधारे कथा मनीषी पंडित प्रहलाद मिश्र रामायणी ने कही श्री आनंद मानस प्रचार सेवा समिति द्वारा दुर्गा मंदिर रौली में आयोजित श्री सीताराम जी की मूर्ति स्थापना एवं यज्ञ के सात दिवसीय कार्यक्रम के पांचवें दिन अपने विचार व्यक्त किए। रामायणी श्री मिश्रा जी ने भारतीय राष्ट्रीय संदर्भ में राम के व्यापक व्यक्तित्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि राम जी राष्ट्र का मंगल विधान करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। राम का लोक वंद्य चरित्र ही विश्व कल्याण एवं विश्व मैत्री का संदेश देता है। भारत इसी आदर्श को स्वीकार करके विश्व के सभी देशों से मित्रता रखता है और सभी का हितैषी भी है । सुरसरि सम सब कर हित होई।रायबरेली के बाल व्यास पंडित कृष्ण मोहन कान्हा ने बताया कि भक्ति में मनुष्य का लोक परलोक दोनों समाहित है‌। भक्ति स्वार्थ्य छोड़कर प्रमाणित करने की प्रेरणा करती है। समता मूलक दृश्य रखना भक्ति का मुख्य सिद्धांत है ।इससे हमें जीवन के प्रति प्रेम तथा सेवा करने की प्रेरणा मिलती है क्योंकि सभी में एक ही परमात्मा का निवास है ऐसी चेतना विकसित होने पर कोई पराया नहीं रह जाता सभी अपने बन जाते हैं|

निज प्रभुमय देखहि जगत केहि सन करहि विरोध।पंडित हरिओम तिवारी ने कहा कि श्रेष्ठ जनों का सम्मान करना सतोगुणी मनुष्य का लक्षण है ऐसे सम्मान के लिए धन नहीं अपित विनम्रता और प्रिय वाणी की आवश्यकता है। यज्ञाचार्य पंडित अभय शास्त्री ने कहा कि यज्ञ में अग्नि के माध्यम से दी गई आयोजित आहुतियां देवों को बल प्रदान करती है इससे देवता प्रसन्न होकर धन-धन एवं सुख शांति प्रदान करते हैं भजन गायक पन्नालाल ने संगीतबद्ध सुमधुर भजनों से पंडाल को भक्ति से भर दिया। जिसके बाद श्रोता भाव विभोर हो गए। बहुताधाम की धरती से पधारे पंडित अजय शास्त्री बिंदु जी महाराज ने समागत अतिथियों, श्रद्धालुओं, श्रोता, भक्तों के प्रति आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि भगवान के भक्तों का दर्शन एवं उनकी संगत करना भी सेवा भक्ति है , मूर्ति स्थापना के पावन पूजा कार्यक्रम में यज्ञ पूर्ण पूजन तथा भगवान विग्रह का पुष्प दिवस संपादित हुआ । प्रवचन सभा में विशाल जनसमूह में भागवत कथा का रसपान करने सभा में पंडित सिद्धनाथ तिवारी, पंडित हरिश्चंद्र त्रिपाठी एमपी, गुरबख्श सिंह श्रवण कुमार शुक्ला, पंडित दिनेश त्रिवेदी, डॉक्टर योगेंद्र शुक्ला, सोनू बाजपेई, युवा भाजपा नेता सौरभ मिश्रा, शोभित त्रिपाठी, राजकुमार पांडे ,सुशील पांडे, पूर्व प्रधान बहुता कौशल किशोर समेत सैकड़ों की संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।

                                            ब्यूरो चीफ़

                                         शिवम् अवस्थी

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