
कानपुर–26 जनवरी
विकास प्राधिकरण के अभियंत्रण खंड-2 के अंतर्गत जवाहर पुरम योजना सेक्टर-14,डूडा कॉलोनी में कराए गए सीवर चेंबर निर्माण एवं सफाई कार्य ने विभागीय व्यवस्था की पोल खोल दी है मौके की तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि न तो चेंबर के ढक्कन मानक अनुरूप लगाए गए हैं और न ही चेंबर की निर्धारित सफाई पूरी की गई है,इसके बावजूद कार्य को पूर्ण दर्शाया जा रहा है|
स्थल पर कई स्थानों पर मैनहोल चेंबरों के ढक्कन चेंबर में ठीक से बैठते ही नहीं दिखे|
कहीं ढक्कन छोटे हैं,कहीं बड़े,तो कहीं चारों ओर खुला स्थान छोड़ दिया गया है यह स्थिति न केवल गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है बल्कि किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है|
इतना ही नहीं,जिस कार्य में चेंबर की पूरी तरह सफाई और सिल्ट/गाद हटाने का प्रावधान है,वहां चेंबर के भीतर गंदगी,मलबा और जमा सिल्ट साफ दिखाई दे रही है यानी कागजों में सफाई का कार्य पूरा,लेकिन हकीकत में चेंबर आज भी गंदे पड़े हैं|
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब ढक्कन गलत हैं और सफाई अधूरी है,तो कार्य को किस आधार पर पूर्ण घोषित किया गया? क्या यह केवल ठेकेदार की लापरवाही है या फिर बिना जांच के भुगतान पास करने की विभागीय मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूरे काम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है जिसमें सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए घटिया कार्य को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया इससे साफ है कि जनता से टैक्स के नाम पर वसूले जा रहे पैसों की खुली बर्बादी की गई है|
नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मामले की तत्काल विजिलेंस/तकनीकी जांच कराई जाए दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो तथा गलत भुगतान की गई राशि की वसूली की जाए|
अब देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस खुली लूट पर कार्रवाई करेगा या हमेशा की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़








