
लखनऊ–03 जनवरी
दिव्यांग मनोज हत्या कांड में पुलिस द्वारा मुख्य हत्यारोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेजने का मामला प्रकाश में आया है|
ज्ञात हो कि कपासी गांव निवासी मृतक मनोज का गांव की रहने वाली महिला लक्ष्मी से काफी दिनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसको लेकर महिला के परिजनों ने कई बार दिव्यांग मनोज को महिला से दूर रहने व दूर न होने पर जान से मार देने की धमकी दी थी ग्यारह नवंबर की रात लगभग दस बजे गांव की ही निवासी महिला प्रेमिका लक्ष्मी ने फोन कर मनोज को मिलने के लिए बुलाया था और बारह नवंबर की सुबह दिव्यांग मनोज का शव आम के पेड़ से लटकता हुआ पाया गया मृतक के पिता ठाकुर की तहरीर पर गुडंबा पुलिस ने महिला प्रेमिका लक्ष्मी सहित पांच लोगों के खिलाफ ग्यारह दिन बाद हत्या की धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू की थी मृतक मनोज के पिता ठाकुर के अनुसार थाने की पुलिस हत्यारोपियों को बचाने के प्रयास करते हुए हत्या को आत्महत्या का नाम देने पर तुली रही मृतक के पिता ठाकुर ने बताया कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मामले की पुख्ता साक्ष्यों के साथ लिखित शिकायत देश के प्रधानमंत्री,गृहमंत्री,प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ–साथ पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से की गई जिस पर पुलिस उपायुक्त पूर्वी शशांक सिंह ने संज्ञान लेते हुए सहायक पुलिस आयुक्त गाजीपुर को हत्यारोपियों की अविलंब गिरफ्तारी के आदेश दिए पुलिस उपायुक्त पूर्वी के आदेश के बाद आज गुडंबा पुलिस हरकत में आई और हत्यारोपी महिला लक्ष्मी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से हत्यारोपी महिला को जेल भेज दिया गया लेकिन महिला के अलावा मामले के चार अन्य आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं खबर लिखे जाने तक गुडंबा पुलिस द्वारा चार अन्य हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था|
देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस अन्य चारों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी या फिर मामले को रफा–दफा कर दिया जाएगा|
लखनऊ से संवाददाता
राजन कश्यप की रिपोर्ट








