लखनऊ–09 अगस्त
अकीदत और गम के माहौल में जुग्गौर क्षेत्र में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। निर्धारित मार्गों से होता हुआ जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक रस्में अदा की गईं और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। इस दौरान पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा।
जुलूस में तौहीद अहमद, जुगुन वारसी, सलीम सलमानी, शारिक मलिक, मोहम्मद फहीम उर्फ गुल्लू, इम्तियाज सूफी, मोहम्मद जुम्मल समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। अंजुमन शान-ए-आली, जुग्गौर की भी सहभागिता रही।
अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जुल्म और अत्याचार के सामने झुकने के बजाय सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपने परिवार सहित महान बलिदान दिया। उनकी शहादत आज भी इंसानियत, सच्चाई, त्याग, न्याय और भाईचारे का संदेश देती है।
जुलूस को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस के साथ पुलिस पेट्रोलिंग की गई, जबकि ड्रोन कैमरों के माध्यम से जुलूस मार्ग और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखी गई। दंगा नियंत्रण बल एवं विशेष पुलिस टीमें भी तैनात रहीं।
प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से जुलूस शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।
ब्यूरो रिपोर्ट
सुदर्शन प्रवाह







