लखनऊ–17 अक्टूबर
गोमती नगर स्थित दारुल उलूम वारसिया में जश्न-ए-ग़ौस-उल-वरा के मुबारक अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
इस दौरान शिक्षा,समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. रेहान अहमद फ़ारूक़ी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया उन्हें सम्मानित किए जाने पर उपस्थित लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में दारुल उलूम वारसिया के मैनेजर शरीफ़ुल हसन क़ादरी और प्रिंसिपल मौलाना ज़हीर अब्बास ने संयुक्त रूप से डॉ.रेहान अहमद फ़ारूक़ी को अंगवस्त्र और सम्मान पत्र भेंट किया।
आयोजकों ने उनके सामाजिक एवं शैक्षिक योगदान को सराहनीय बताते हुए कहा कि समाज के विकास और सकारात्मक बदलाव में समर्पित व्यक्तित्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि समाज को सही दिशा देने के लिए शिक्षा बौद्धिक जागरूकता और धार्मिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है
उन्होंने कहा कि मदरसों की भूमिका केवल दीनी तालीम तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक सुधार,नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने में भी ऐसे संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. रेहान अहमद फ़ारूक़ी जैसे व्यक्तित्वों को सम्मानित करना उनके कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ दूसरों को भी समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।
इस गरिमामय समारोह में मुफ़्ती आज़म अली क़ादरी,मौलाना ख़तीब आलम,मुफ़्ती शेर मोहम्मद साहब और मास्टर कलाम सहित कई धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं इनके अलावा मदरसे के शिक्षक,छात्र और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन पर मुफ़्ती आज़म अली क़ादरी ने देश में अमन-चैन, आपसी सौहार्द और भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष दुआ की समारोह धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सम्मान की भावना के साथ संपन्न हुआ।
ब्यूरो रिपोर्ट — सुदर्शन प्रवाह







