UDYAM-UP-50-0248277

वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

बैठकों के जाल में उलझा बिजली विभाग सड़ते खंभों के सहारे झूल रही जनता की जान

trfgcvkj.blkjhgfd

लखनऊ/सुलभ आवास सेक्टर 01

राजधानी लखनऊ के पॉश इलाकों में शुमार गोमती नगर की सड़कों पर मौत का जाल बिछा हुआ है जहां एक तरफ विभाग की प्रबंध निदेशक मैडम ने निचले स्तर के अधिकारियों को लगातार बैठकों में व्यस्त कर रखा है वहीं दूसरी तरफ धरातल पर बिजली विभाग के बुनियादी ढांचे की स्थिति बदहाल हो चुकी है।

गोमती नगर के सेक्टर 1 (मकान नंबर 281 के पास) से जो तस्वीर सामने आई है वो रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं।

तस्वीर में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक मुख्य हाई टेंशन लाइन का खंभा नीचे से पूरी तरह सड़कर गल चुका है।

खंभे का आधार इतना कमजोर हो गया है कि वह किसी भी समय मामूली हवा के झोंके से गिर सकता है।

खंभों की खस्ताहाली के साथ-साथ उन पर लदी अनगिनत केबलों का बोझ समस्या को और भयावह बना रहा है लेकिन उच्च प्रबंधन निचले स्तर के अधिकारियों को मीटिंग से ही फुर्सत नहीं देता कि ओ जनता की समस्याओं का समाधान कर सकें।

तस्वीर में साफ दिखाई देता है कि एक ही खंभे पर बेतरतीब तरीके से तारों का मकड़जाल फैला हुआ है और खंभा नीचे से टूटकर अपनी जगह छोड़ चुका है यह न केवल तकनीकी रूप से गलत है बल्कि बारिश के मौसम में बड़े हादसों और शॉर्ट सर्किट को सीधा निमंत्रण दे रहा है।

क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अधिकारी फील्ड पर निकलने के बजाय कागजी कार्यवाही और मीटिंग व्यवस्था (वर्टिकल व्यवस्था) में अधिक समय बिता रहे हैं।

अवर अभियंता उपखण्ड अधिकारी और अधिशासी अभियंता क्षेत्र की इन जानलेवा समस्याओं का समाधान करना तो चाहते हैं लेकिन प्रबंधन की हर समय मीटिंग के चलते समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे|

जब तक ये अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलकर काम का करने का और जर्जर खंभों की मरम्मत कराने का मौका नहीं पाएंगे तब तक जनता की सुरक्षा केवल भगवान भरोसे रहेगी।

लखनऊ की जनता एमडी महोदया से अपील कर रही है कि यदि बैठकों से फुर्सत मिल गई हो तो वे अपने मातहत अधिकारियों को सड़कों पर उतरकर काम करने का मौका दें।

समय रहते इन खंभों को नहीं बदला गया या इनकी मरम्मत नहीं की गई तो किसी बड़ी जनहानि की जिम्मेदारी सीधे विभाग की होगी।

                                           ब्यूरो रिपोर्ट 

                                      दैनिक सुदर्शन प्रवाह 

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें