लखनऊ–26 मार्च
नवाबों के शहर में आजकल ‘तेल’ के लिए नहीं, बल्कि ‘जलील’ होने के लिए लाइन लग रही है। गोमतीनगर के विराम खंड-2 स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप इन दिनों ईंधन के साथ-साथ ‘बदतमीजी’ भी मुफ्त बांट रहा है। शहर में डीजल-पेट्रोल की किल्लत क्या हुई, पंप कर्मियों ने खुद को इलाके का सुल्तान समझ लिया है।
लाइन में तेल,नसीब में गाली!
पंपों पर नजारा ऐसा है जैसे राशन की दुकान पर अकाल पड़ गया हो। घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रही जनता को तेल मिले न मिले, पंप कर्मियों की अभद्रता जरूर मिल रही है। हद तो तब हो गई जब इन कर्मियों ने महिलाओं तक का लिहाज नहीं किया। क्या यही “सभ्य समाज” की परिभाषा है जहाँ तेल मांगने पर अपमान का घूंट पीना पड़े?
चौथा स्तंभ भी सुरक्षित नहीं: ‘कैमरा देखते ही उतरी शराफत’
जब जनता के दर्द को दिखाने के लिए हमारे संवाददाता मौके पर पहुंचे, तो पंप कर्मियों का ‘असली चेहरा’ सामने आ गया। खबर कवर कर रहे पत्रकार का मोबाइल छीन लिया गया और उनके साथ जमकर अभद्रता की गई। शायद इन कर्मचारियों को लगता है कि मोबाइल छीन लेने से उनकी बदहाली और बदसलूकी छिप जाएगी।
”लगता है पेट्रोल पंपों पर अब ईंधन के साथ ‘अहंकार’ का भी स्टॉक आ गया है। जनता तेल के लिए तरस रही है और कर्मचारी अपनी पावर दिखाने के लिए। याद रखिए, तेल खत्म हुआ है, जनता का सब्र नहीं!”
प्रमुख बिंदु:
- गोमतीनगर विराम खंड-02: गुंडागर्दी का नया अड्डा बना इंडियन ऑयल पंप।
- महिला ग्राहकों से बदसलूकी: नियम और तहजीब ताक पर।
- मीडिया पर हमला: सच दबाने की नाकाम कोशिश, संवाददाता का छीना मोबाइल।
- प्रशासन मौन: क्या इन बेलगाम कर्मियों पर होगी कोई कार्रवाई?
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








