लखनऊ–08 मार्च
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज बिजली विभाग के इंजीनियरों के लिए राहत और सख्ती दोनों का दिन देखने को मिला। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल ने आज मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में लागू वर्टिकल प्रणाली के तहत लेसा स्तर पर पहली बार आमने-सामने बैठकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान अध्यक्ष आशीष गोयल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजनेस प्लान 2025-26 से संबंधित सभी कार्य मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं को आदेश दिया कि इन कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*अमौसी जोन पर गिरी कार्रवाई की गाज*
समीक्षा बैठक की शुरुआत में ही अमौसी जोन की प्रगति रिपोर्ट को लेकर नाराजगी सामने आई। बिजनेस प्लान 2025-26 की खराब प्रगति के कारण अमौसी जोन के सभी तकनीकी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष ने आदेश दिया कि चाहे वह अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, एसडीओ या अवर अभियंता हों, सभी को चार्जशीट जारी की जाए।
*1912 शिकायतों को लेकर कड़ा रुख*
उपभोक्ता शिकायतों को लेकर भी अध्यक्ष का रुख सख्त नजर आया। 1912 हेल्पलाइन की शिकायतों में देरी को गंभीरता से लेते हुए लेसा की श्रीमती प्रेमलता सिंह, श्रीमती गीता आनंद सहित सभी वाणिज्य अधीक्षण अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि किसी भी परिस्थिति में 1912 की शिकायत “बियोंड टाइम” नहीं जानी चाहिए।
*बिजली चोरी के मामलों में भी कार्रवाई*
बिजली चोरी के मामलों में ढिलाई बरतने पर भी कार्रवाई तय की गई। रेड के अधिशासी अभियंता अजय कुमार और ए.के. शुक्ला के खिलाफ, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी असेसमेंट राशि की वसूली न कर पाने के कारण एडवर्स एंट्री देने का निर्णय लिया गया।
*संविदा कर्मियों के उपयोग पर निर्देश*
अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिए कि संविदा कर्मियों की गैंग का उपयोग पूल वाइज किया जाए, ताकि कार्यों की गति तेज हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
*अध्यक्ष- पावर कारपोरेशन का मुख्य अभियंताओं को सख्त जिम्मेदारी*
बैठक के अंत में सभी जोन के मुख्य अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि वे बिजनेस प्लान, ट्रांसफार्मर डैमेज और 1912 शिकायतों से जुड़े मामलों की दैनिक समीक्षा करें और प्रगति की निगरानी सुनिश्चित करें।
आज की समीक्षा बैठक ने साफ कर दिया है कि पावर कॉरपोरेशन नेतृत्व अब बिजनेस प्लान की प्रगति, उपभोक्ता शिकायतों और राजस्व वसूली को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में विभागीय कार्यप्रणाली पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह








