लखनऊ–24 अक्टूवर
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर राजधानी के गोमती नगर ज़ोन अंतर्गत सेक्टर-05 पावर हाउस क्षेत्र से भ्रष्टाचार और विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार लगभग 2500 वर्गफिट ज़मीन पर निर्मित बेसमेंट प्लस 4-मंजिला विशाल व्यावसायिक परिसर पर बिना मल्टी-पॉइंट भार स्वीकृत के नियम विरुद्ध तरीके से 3 किलोवाट का कामर्शियल बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया।
सूत्रों का दावा है कि इस पूरे खेल को अंजाम देने में क्षेत्र के अवर अभियंता और टीजी-2 की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है आरोप है कि निजी स्वार्थ और अवैध उगाही के चलते बिजली विभाग के सख्त नियमों को पूरी तरह ताख पर रख दिया गया
गौरतलब है कि विभागीय नियमानुसार किसी भी बहुमंजिला या बड़े परिसर पर भार स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत ही नया विद्युत कनेक्शन निर्गत किया जाना अनिवार्य होता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक LGF 5/568, सेक्टर 5, गोमती नगर विस्तार के कनेक्शन हेतु दिए गए पहले आवेदन को खुद विभाग द्वारा यह बताते हुए निरस्त कर दिया गया था कि परिसर पर जब तक नियमानुसार भार स्वीकृत नहीं होगा तब तक कनेक्शन नहीं दिया जा सकता परंतु कथित तौर पर सांठ-गांठ और लेन-देन का मामला सेट होते ही पहले से तय नियमों को दरकिनार कर मणि दुबे के नाम से 3 किलोवाट कमर्शियल कनेक्शन जारी कर दिया गया।
लगभग 2500 वर्गफिट में बने बेसमेंट+तीन मंजिल के व्यावसायिक परिसर पर महज 3 किलोवाट कमर्शियल भार के साथ बिना मल्टी-पॉइंट स्वीकृति कनेक्शन देना विभाग को राजस्व का भारी चूना लगाने जैसा है।
स्थानीय लोगों व जागरूक उपभोक्ताओं ने इस मामले में संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर सख्त कार्यवाही की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट
सुदर्शन प्रवाह








