लखनऊ–05 अक्टूबर
मदेयगंज थाने में तैनात आरक्षी अवधेश कुमार एवं जितेंद्र कुमार सरोज ने अपनी जान की परवाह किए बिना गोमती नदी में छलांग लगाने वाले एक नवयुवक की जान बचाकर पुलिस सेवा के मानवीय और कर्तव्यपरायण स्वरूप की मिसाल पेश की दोनों आरक्षियों के इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद ने उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
आरक्षियों ने संकट की स्थिति में तत्परता और साहस का परिचय देते हुए नदी में कूदे युवक को सुरक्षित बचाया उनके इस कार्य को मानव जीवन की रक्षा के प्रति पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बताया गया।
सम्मान समारोह में मदेयगंज प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार तिवारी को भी कुशल नेतृत्व एवं दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया वहीं थाने की कार्यालयीन गतिविधियों को व्यवस्थित एवं सुचारु ढंग से संचालित करने में योगदान के लिए सुमित कुमार को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. रेहान अहमद, जिला अध्यक्ष लखनऊ युवा प्रकोष्ठ शारिक मलिक एवं जिला सचिव मो0 सगीर मौजूद रहे।
परिषद ने आरक्षी अवधेश कुमार एवं जितेंद्र कुमार सरोज के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानव जीवन की रक्षा के लिए किए गए प्रयास की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ब्यूरो रिपोर्ट सुदर्शन प्रवाह







