श्रावस्ती/उत्तर प्रदेश–29 जुलाई
जिले के हरिहरपुर रानी ब्लॉक अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंगहा के एएनएम सेंटर मच्छरिहवा से स्वास्थ्य महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है केंद्र पर तैनात एएनएम ऊषा पांडे पर स्थानीय गर्भवती महिलाओं से प्रसव के नाम पर 2,000 से 4,000 रुपये तक की अवैध उगाही करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ितों का आरोप है कि ऊषा पांडे द्वारा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के एवज में जबरन वसूली की जा रही है।
जो परिवार मांग के अनुसार पैसे देने में असमर्थ होते हैं उन्हें प्रसव व प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित कर दिया जाता है।
रिश्वत न मिलने पर नवजात शिशुओं के जन्म प्रमाण पत्र तथा शासन द्वारा मिलने वाले अन्य आवश्यक प्रपत्र तैयार नहीं किए जाते हैं जिससे गरीब परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित हो रहे हैं।
एएनएम उषा पांडे के इस कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अब पीड़ित महिलाएं एकजुट हो गई हैं।
घटना की सत्यता और साक्षीकरण के लिए करीब 10 पीड़ित स्थानीय महिलाओं ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की है। पीड़ितों का कहना है कि एएनएम की इस मनमानी और भ्रष्ट कार्यशैली से पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हो रही है।
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और प्रसव योजना का दावा करने वाले विभाग के नाक के नीचे ही भ्रष्टाचार का यह खेल खुलेआम चल रहा है।
10-10 शपथ पत्रों के साथ सामने आए इस साक्ष्य के बाद अब गेंद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के पाले में है ग्रामीणों ने आरोपी ए.एन.एम. के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गरीब गर्भवती महिलाओं को राहत मिल सके और स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का विश्वास बहाल हो सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह






