
लखनऊ–16 जनवरी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी उस सर्कुलर पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें थानों की सीसीटीवी फुटेज को केवल दो महीने तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया था उच्च न्यायालय ने इसे सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की ‘प्रथम दृष्टया अवमानना’ (Prima Facie Contempt) बताया है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने फुटेज को कम से कम छः से अठारह महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया था इलाहाबाद उच्च न्यायालय का कहना है कि पुलिस प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद फुटेज स्टोर करने की समय सीमा को अपनी मर्जी से घटा नहीं सकता परंतु उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा समय कम किया गया जो कि सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना को दर्शाता है
दैनिक सुदर्शन प्रवाह
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी








