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लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से एक-दूसरे पर टूटे दो पक्ष एक बुजुर्ग की मौत 14 घायल इलाका छावनी में तब्दील

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हैदरगढ़/बाराबंकी–

सीओ हैदरगढ़ की कार्यशैली और अस्पताल प्रशासन की बदइंतजामी पर उठे गंभीर सवाल विधायक की नसीहत से मीडियाकर्मियों में रोष|

कोतवाली हैदरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत पूरे मेहरबान मजरे बरावां गांव में बुधवार दोपहर बाद जमीनी विवाद ने बेहद हिंसक रूप ले लिया मेड़ काटने और दीवार निर्माण के पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले।

इस रंजिश में एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दोनों पक्षों के करीब 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद गांव से लेकर अस्पताल परिसर तक भारी तनाव फैल गया जिसके बाद इलाके को छावनी में तब्दील करना पड़ा इस मामले में पुलिस की शिथिलता और स्वास्थ्य विभाग की बदहाली को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।

जानकारी के अनुसार बरावां गांव के निवासी भगवानदीन और पुत्तू के परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन और दीवार बनाने को लेकर रंजिश चली आ रही थी।

यह मामला पहले भी पुलिस के संज्ञान में आया था लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस की लापरवाही के चलते कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।

बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे मेड़ काटने को लेकर एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

देखते ही देखते गाली-गलौज खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। दोनों तरफ से हुए हिंसक हमले में भगवानदीन (60 वर्ष) को गंभीर चोटें आईं जिसके कारण उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में दम तोड़ दिया।

इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 14 लोग लहूलुहान हुए हैं जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं: प्रथम पक्ष (भगवानदीन गुट – 8 गंभीर घायल, जिला अस्पताल रेफर):
रामावती (55 वर्ष) – पत्नी भगवानदीन,सुरेश (17 वर्ष), महेश, राजेंद्र (40 वर्ष), योगेंद्र (30 वर्ष) – पुत्रगण भगवानदीन
चांदनी (14 वर्ष) – पुत्री राजेंद्र प्रसाद,शांति (21 वर्ष) – पुत्री राजेश

द्वितीय पक्ष (पुत्तू गुट – CHC हैदरगढ़ में भर्ती):
पुत्तू (60 वर्ष), छोटे उर्फ चौकीदार – पुत्रगण खुशीराम
रामसेवक,रामदयाल – पुत्रगण रामदत्त,भवानी – पुत्र पुत्तू मिथिलेश – पुत्री रामदत्त संगीता – पत्नी रामदयाल

घटना की संवेदनशीलता और ग्रामीणों के हंगामे की आशंका को देखते हुए सीओ हैदरगढ़ समीर सिंह स्थानीय पुलिस के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।

तनाव को नियंत्रित करने के लिए हैदरगढ़ कोतवाली समेत असन्दरा,कोठी और सुबेहा थानों की पुलिस फोर्स को भी मौके पर बुला लिया गया पुलिस ने मृतक भगवानदीन के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

इस पूरी घटना ने स्थानीय प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है प्रधान प्रतिनिधि बृजेश सिंह ने क्षेत्राधिकारी हैदरगढ़ की कार्यशैली और ढुलमुल रवैए पर गंभीर सवाल उठाए हैं ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस ने पुराने विवाद को गंभीरता से लिया होता तो आज यह हत्या न होती।

पूर्व प्रधान रामकुमार सिंह और अधिवक्ता बृजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बिज्जू ने CHC अधीक्षक जयशंकर पांडेय की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया।

परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उनसे बाहर से ₹3,000 की दवाइयां भी मंगवाई गईं।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भाजपा विधायक भी घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।

हालांकि जब पीड़ित परिवार मीडिया के सामने अपना दर्द बयां कर रहा था तब विधायक ने उन्हें मीडिया बाजी न करने और सिर्फ इलाज पर ध्यान देने की नसीहत दे डाली।

विधायक के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैए और मीडिया को दबाने की कोशिश पर स्थानीय पत्रकारों ने तीखी नाराजगी व्यक्त की है।

फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन दिया जा रहा है।

                                           ब्यूरो चीफ़ 

                                      शिवम् अवस्थी 

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