हैदरगढ़ बाराबंकी–30 जून
जनपद के हैदरगढ़ स्थित अंसारी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। कथा के सातवें और अंतिम दिन अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास रमेशदास महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास रमेशदास महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए बताया कि सुदामा भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। वे जितेंद्रिय थे और भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। अत्यधिक गरीबी के बावजूद वे सदैव भगवान के ध्यान में लीन रहते थे।
उनकी पत्नी सुशीला ने उनसे बार-बार द्वारकाधीश भगवान कृष्ण से मिलने का आग्रह किया, यह सोचकर कि शायद वे उनकी मदद कर सकें। पत्नी के आग्रह पर सुदामा द्वारका पहुंचे। जब द्वारपाल ने भगवान कृष्ण को सुदामा के आगमन की सूचना दी, तो कृष्ण नंगे पैर दौड़कर आए और अपने मित्र को गले लगा लिया।
सुदामा की दयनीय दशा देखकर कृष्ण की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। भगवान कृष्ण ने सुदामा को सिंहासन पर बैठाकर उनके चरण धोए। उनकी सभी पटरानियों ने भी सुदामा जी से आशीर्वाद लिया। जब सुदामा विदा लेकर अपने स्थान लौटे, तो भगवान कृष्ण की कृपा से उनकी कुटिया एक भव्य महल में बदल चुकी थी।
कथा व्यास रमेशदास महाराज ने बताया कि सुदामा जी ने महल में भी अपनी पुरानी कुटिया की तरह ही भगवान का सुमिरन जारी रखा। उन्होंने संदेश दिया कि जब-जब भक्तों पर विपदा आई है, प्रभु उनका उद्धार करने अवश्य आए हैं। इस दौरान सुदामा चरित्र से संबंधित मनमोहक झांकियों की भी प्रस्तुति दी गई।
इसके बाद कथा व्यास रमेशदास महाराज ने परीक्षित मोक्ष प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय समाप्त हो गया। कथा श्रवण के प्रभाव से राजा परीक्षित तक्षक नाग द्वारा डसे जाने के बावजूद भगवान के परमधाम को प्राप्त हुए।
इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष हैदरगढ़ रजत मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपू तिवारी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राम भीख त्रिवेदी, अनिल कुमार मिश्र राज पाण्डेय आनन्द कुमार सिंह अलगू ओम प्रकाश श्रीवास्तव, रंजीत, शानू श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार द्विवेदी और राजू भैया सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। कृष्ण जन्मोत्सव रुक्मणी विवाह सुदामा चरित राधा-कृष्ण सहित कई अन्य मनमोहक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने भी भाग लिया।
तत्पश्चात विशाल भव्य भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर तृप्त हुए|
ब्यूरो चीफ़
शिवम् अवस्थी







