लखनऊ/गोमती नगर–05 जून
राजधानी लखनऊ के सबसे पॉश इलाकों में शुमार गोमती नगर ज़ोन से बिजली विभाग की एक ऐसी घोर लापरवाही सामने आई है जो किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है गोमती नगर ज़ोन के अंतर्गत आने वाले विराम खण्ड 02 इलाके में हाई टेंशन और लो टेंशन लाइन के बिजली के खंभों की हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि वे कभी भी गिर सकते हैं लेकिन ज़िम्मेदार अधिकारी इस गंभीर खतरे से पूरी तरह आंखें मूंदे बैठे हैं।
क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि अवर अभियंता एच0टी0/एल0टी0 सौरभ कुशवाहा को ये जर्जर और खोखले हो चुके खंभे दिखाई नहीं दे रहे हैं हद तो तब हो गई जब अपनी नाकामी और विभाग की लापरवाही को छुपाने के उद्देश्य से इन खतरनाक रूप से गल चुके लोहे के खंभों को बदलने के बजाय उन पर प्लास्टिक का भूरा टेप लपेटकर बंद कर दिया गया।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि विराम खण्ड-2 में बिजली के खंभे नीचे से पूरी तरह जंग खाकर खोखले हो चुके हैं और उनमें बड़े-बड़े सुराख हो गए हैं तस्वीर के एक हिस्से में साफ दिख रहा है कि किस तरह इन सुराखों और जंग को छुपाने के लिए खंभे के निचले हिस्से पर प्लास्टिक की पन्नी और टेप का जुगाड़ लगाया गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र में ऐसे एकाध नहीं बल्कि अनेकों खंभे हैं जिन्हें अवर अभियंता ने ठीक कराने या बदलवाने के बजाय प्लास्टिक टेप से ढकवा दिया है बारिश और तेज हवाओं के मौसम में ये खंभे कभी भी भरभराकर गिर सकते हैं।
हाई टेंशन लाइन के इन खंभों के गिरने से न सिर्फ बड़ा वित्तीय नुकसान हो सकता है बल्कि किसी राहगीर या स्थानीय नागरिक की जान भी जा सकती है।
बिजली विभाग की इस टेप लगाओ जिम्मेदारी छुपाओ वाली नीति से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है लोगों का कहना है कि क्या विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जागेगा?
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के उच्चाधिकारी लापरवाह अवर अभियंता सौरभ कुशवाहा पर क्या कार्रवाई करते हैं और इन जानलेवा खंभों को कब तक बदला जाता है।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह







