शाहजहांपुर–01 जून
शाहजहाँपुर के 220 केवी उपकेन्द्र में तैनात अवर अभियंता ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर की सख्त कार्यवाही की मांग।
बड़ा आरोप शराब के नशे में धुत होकर शासन-प्रशासन और माननीय मुख्यमंत्री को दीं गालियाँ रोकने पर ड्यूटी स्टाफ को धमकाया।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बनाया वीडियो सोशल मीडिया और विभागीय गलियारों में मचा हड़कंप।
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले से बिजली विभाग को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है 220 केवी विद्युत उपकेन्द्र के कंट्रोल रूम में एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा शराब के नशे में धुत होकर जमकर हंगामा करने और मुख्यमंत्री समेत शासन-प्रशासन के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है इस घटना के बाद पूरे बिजली महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना बीते शुक्रवार 29 मई 2026 की रात करीब 11:30 बजे की है।
उपकेन्द्र पर तैनात अवर अभियंता देवेश कुमार द्वारा अधिशाषी अभियंता विद्युत पारेषण खण्ड शाहजहाँपुर को भेजे गए एक लिखित शिकायत पत्र में इस पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया गया है पत्र में सीधे तौर पर संबद्ध अधिशाषी अभियंता श्री रजनीश कुमार उपाध्याय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि 29 मई की रात लगभग 11:30 बजे अधिशाषी अभियंता रजनीश कुमार उपाध्याय अत्यधिक शराब के नशे में 220 केवी उपकेन्द्र के कंट्रोल रूम में दाखिल हुए।
कंट्रोल रूम में आते ही उन्होंने शासन-प्रशासन और माननीय मुख्यमंत्री जी को संबोधित करते हुए बेहद तेज आवाज में गाली-गलौज और अमर्यादित भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया।
जब वहाँ ड्यूटी पर तैनात टी.जी.-2 श्री अमित कुमार वर्मा ने उन्हें ऐसा करने से रोका और मर्यादा बनाए रखने का अनुरोध किया, तो अधिकारी उन पर भी भड़क गए और उन्हें भी भद्दी-भद्दी गालियाँ दीं जिससे कर्मचारी बेहद भयभीत हो गया।
जब हंगामा ज्यादा बढ़ा और उनसे कंट्रोल रूम से बाहर जाने का अनुरोध किया गया तो वह गाली देते हुए बाहर चले गए। इस पूरी शर्मनाक घटना का मौके पर मौजूद अन्य बिजली कर्मियों ने वीडियो बना लिया जिसे अब शिकायत के साथ साक्ष्य के रूप में संलग्न किया गया है।
विद्युत उपकेन्द्र के अवर अभियंता देवेश कुमार ने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए अधिशाषी अभियंता विद्युत पारेषण खण्ड को पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण को तत्काल संज्ञान में लेने और दोषी उच्चाधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक एवं उचित कानूनी कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि आवश्यक कार्यवाही हेतु उपकरण अधिकारी शाहजहाँपुर को भी प्रेषित की गई है।
एक जिम्मेदार सरकारी पद पर बैठे अधिकारी द्वारा प्रदेश के मुखिया और प्रशासन के खिलाफ इस प्रकार का आचरण विभागीय अनुशासन पर बड़े सवाल खड़े करता है।
सूत्रों के मुताबिक बिजली विभाग के आला अधिकारी इस मामले में बड़ी जांच बैठाने की तैयारी में हैं और जल्द ही आरोपी अधिकारी पर निलंबन की गाज गिर सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह







