लखनऊ–30 मई
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग के बड़े-बड़े दावे ज़मीनी धरातल पर आकर किस तरह दम तोड़ देते हैं इसका एक और ताज़ा उदाहरण सामने आया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के कलेक्शन अनुभाग के आदेश को बीते 16 दिन हो चुके हैं लेकिन एक उपभोक्ता आज भी अपने परिसर पर मीटर लगवाने के लिए विभागीय चक्कर काटने को मजबूर है।
बीते 14 मई 2026 को कार्यालय अधिशासी अभियन्ता (कलेक्शन),लेसा ट्रांस गोमती द्वारा एक आधिकारिक पत्र (पत्रांक: 5581/ई०प्र०(कलेक्शन)/) जारी किया गया था इस पत्र में साफ तौर पर सहायक अभियन्ता (मीटर),विश्वास खण्ड,गोमतीनगर को निर्देशित किया गया था कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन का लोड बढ़वाया है उनके परिसरों पर नियमानुसार विद्युत मीटरों को तुरंत परिवर्तित/स्थापित किया जाए।
इस आधिकारिक सूची में 13वें नंबर पर उपभोक्ता गिरीश दीक्षित (निवासी: रेवती बिहार कॉलोनी, खड़गापुर) का नाम दर्ज है।
गिरीश दीक्षित ने अपने कनेक्शन की भार वृद्धि की तमाम प्रक्रियाएं पूरी कर ली थीं जिसके बाद विभाग ने कागज़ों पर आदेश भी जारी कर दिया।
आज इस आदेश को जारी हुए पूरे 16 दिन बीत चुके हैं लेकिन लेसा के ज़िम्मेदार अधिकारियों और मीटर अनुभाग की सुस्ती का आलम यह है कि उपभोक्ता के परिसर पर अब तक नया मीटर स्थापित नहीं किया जा सका है।
बड़ा सवाल जब उपभोक्ता अपनी तरफ से भार वृद्धि का पूरा शुल्क और औपचारिकताएं निभा चुका है, और उच्च अधिकारियों का लिखित आदेश भी आ चुका है तो फिर ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारी और मीटर अनुभाग किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं?
एक तरफ सरकार और बिजली विभाग के आला अधिकारी उपभोक्ताओं को त्वरित सेवाएं देने और ईज़ ऑफ लिविंग का दम भरते हैं वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर बैठे बाबू और लापरवाह अधिकारी इन दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
भीषण गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ता भार वृद्धि कराकर भी तकनीकी और विभागीय लेटलतीफी के कारण परेशान हैं।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद लेसा के उच्च अधिकारी गहरी नींद से जागते हैं या फिर उपभोक्ता गिरीश दीक्षित को अपने हक के मीटर के लिए और कितने दिन अधिकारियों की चौखट पर एड़ियां रगड़नी पड़ेंगी।
ब्यूरो रिपोर्ट
दैनिक सुदर्शन प्रवाह







